
10% ग्लोबल टैरिफ का ट्रंप का बड़ा ऐलान, भारत-यूएस व्यापार और बाजार पर दिख सकता है असर
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति और 2026 की राजनीति में फिर सक्रिय Donald Trump ने 10% ग्लोबल टैरिफ लगाने का ऐलान कर वैश्विक व्यापार जगत में हलचल मचा दी है। इस फैसले का सीधा असर भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों, निर्यात-आयात और शेयर बाजार पर पड़ सकता है। विशेषज्ञ इसे “नए दौर की ट्रेड पॉलिसी” की शुरुआत मान रहे हैं।
10% ग्लोबल टैरिफ का ट्रंप का बड़ा ऐलान, भारत-यूएस व्यापार और बाजार पर दिख सकता है असर
क्या है 10% ग्लोबल टैरिफ?
टैरिफ यानी आयातित वस्तुओं पर लगाया जाने वाला कर। ट्रंप के प्रस्ताव के मुताबिक, अमेरिका में आने वाले कई विदेशी उत्पादों पर 10% तक अतिरिक्त शुल्क लगाया जा सकता है।
इसका उद्देश्य अमेरिकी उद्योगों को संरक्षण देना और घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देना बताया जा रहा है। हालांकि, इससे वैश्विक सप्लाई चेन पर दबाव बढ़ सकता है।
भारत-अमेरिका व्यापार पर संभावित असर
भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक संबंध पिछले कुछ वर्षों में मजबूत हुए हैं। आईटी, फार्मा, टेक्सटाइल, ऑटो पार्ट्स और स्टील जैसे सेक्टर इसमें अहम भूमिका निभाते हैं।
यदि 10% टैरिफ लागू होता है, तो:
- 📌 भारतीय निर्यात महंगा हो सकता है
- 📌 अमेरिकी बाजार में भारतीय कंपनियों की प्रतिस्पर्धा घट सकती है
- 📌 आईटी और फार्मा सेक्टर पर सीधा असर पड़ सकता है
- 📌 स्टील और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर प्रभावित हो सकते हैं
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत सरकार कूटनीतिक स्तर पर बातचीत के जरिए राहत पाने की कोशिश कर सकती है।
शेयर बाजार में हलचल
टैरिफ ऐलान के बाद वैश्विक बाजारों में अस्थिरता देखी जा रही है। भारत में भी सेंसेक्स और निफ्टी पर दबाव बन सकता है।
📉 विदेशी निवेशकों की सतर्कता
📉 निर्यात आधारित कंपनियों के शेयरों में गिरावट
📈 घरेलू उत्पादन आधारित कंपनियों को फायदा
मार्केट एनालिस्ट्स के अनुसार, निवेशकों को फिलहाल सतर्क रणनीति अपनानी चाहिए।
क्या यह ‘ट्रेड वॉर’ की शुरुआत है?
ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान भी अमेरिका-चीन ट्रेड वॉर चर्चा में रहा था। अब 10% ग्लोबल टैरिफ का प्रस्ताव आने से फिर से व्यापारिक तनाव बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
यदि अन्य देश भी जवाबी टैरिफ लगाते हैं, तो वैश्विक अर्थव्यवस्था पर व्यापक प्रभाव पड़ सकता है।
भारत की रणनीति क्या हो सकती है?
भारत निम्न कदम उठा सकता है:
✔ द्विपक्षीय वार्ता तेज करना
✔ वैकल्पिक बाजारों की तलाश
✔ घरेलू उत्पादन और ‘मेक इन इंडिया’ को बढ़ावा
✔ निर्यात प्रोत्साहन योजनाओं में बदलाव
भारत पहले भी वैश्विक व्यापारिक दबावों का सामना कर चुका है और कूटनीतिक संतुलन बनाने में सक्षम रहा है।
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर
10% टैरिफ से:
- अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चेन महंगी हो सकती है
- कच्चे माल की कीमतों में वृद्धि
- उपभोक्ताओं पर महंगाई का बोझ
- निवेश माहौल में अनिश्चितता
आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह नीति लागू होती है तो 2026 में वैश्विक व्यापार वृद्धि दर प्रभावित हो सकती है।
निष्कर्ष
ट्रंप का 10% ग्लोबल टैरिफ ऐलान केवल अमेरिका की घरेलू राजनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर भारत सहित कई देशों पर पड़ सकता है। भारत-अमेरिका व्यापारिक संबंधों के लिहाज से आने वाले महीनों में कूटनीतिक और आर्थिक गतिविधियां तेज हो सकती हैं।
फिलहाल बाजार और उद्योग जगत इस फैसले की आधिकारिक पुष्टि और लागू होने की प्रक्रिया का इंतजार कर रहे हैं।